प्रकृति का दिया रूप कितना खूबसूरत होता है , हम लाख चाहे इन कीड़ो जैसा खूबसूरत नहीं हो सकते हैं। आस्चर्य तो तब होता है जब कुछ मनुस्य को इनसे घृणा होती है , परन्तु ये यह नहीं सोंच पते हैं की ये कीड़े फूल और पत्तियाँ खाते हैं तथापी मनुष्य फूल पत्तों के अलावे जानवरों के मांस खाते हैं , तो घृणित कौन हुआ ?
यदि ये आपके पौधों को नुकसान पहुंचाते हैं तो आप इन्हें जरूर मारें परन्तु इनसे घृणित नहीं होवें क्योंकि
प्रकृति ने सबको खूबसूरत और नायाब बनाया है।


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